दादा खूब हो गया आईपीएल 2020, अब इधर का हाल भी देखिये। आईपीएल की चका चौंध तले डोमेस्टिक का अँधेरा।

आईपीएल 2020 ख़तम, आईपीएल  2021की तैयारियां चालू। बीसीसीआई की एजीएम में भी आईपीएल-आईपीएल की ही माला जपी गयी, डोमेस्टिक क्रिकेट यहाँ से भी नदारद रहा।

Arun Singh Dhumal, Sourav Ganguly, Jay Shah, Rajeev Shukla, and Brajesh Patel at the 89th BCCI AGM in Ahemadabad
अहमदाबाद में हुई बीसीसीआई एजीएम के दौरान अरुण सिंह धूमल, सौरव गांगुली, जय शाह, राजीव शुक्ला, और ब्रजेश पटेल।

आईपीएल 2020 ने सबके चेहरों पर रौनक ला दी, सबने लुफ्त उठाया क्रिकेट का। खूब घासीट के बड़ी बड़ी हस्तियों,वा क्रिकेटर्स ने बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली वा सेक्रेटरी जय शाह की तारीफ की। रोहित शर्मा वा कई अन्यों ने ट्वीट करके बीसीसीआई के कसीदे गढ़े। इसी उजाले, इसी रौनक, इसी दिये तले अंधेरा है, जी अंधेरा भी है। आईपीएल की चका चौंध के पीछे डोमस्क्टिक का पसीना होता है, पर इस बार वहीं डोमेस्टिक क्रिकेट पीछे रह गया है।

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Jay Shah XI beats Sourav Ganguly XI despite Ganguly’s unbeaten fifty, before the BCCI AGM
दादा  & कंपनी ने बीसीसीआई की एजीएम से पहले क्रिकेट का भी लुफ्त उठाया। अहमदाबाद में बने नए नवेले मोटेरा क्रिकेट स्टेडियम के उद्घाटन के दौरान 12-12ओवर का मैच खेला गया, जिसे जय शाह एकादश ने सौरव गांगुली एकादश को हरा कर अपने नाम किया। इस मैच में सौरव गांगुली, जय शाह, राजीव शुक्ला, मोहम्मद अज़हरुद्दीन शामे कई प्रशाशक खेलते हुए नज़र आये।

बीते लगभग एक साल से कोरोना नामक वैश्विक महामारी ने पूरी दुनिया पर अपना प्रभाव छोड़ा है, हर शख्स प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इससे प्रभावित हुआ है | संक्रमण का भय लोगों पर कुछ इस प्रकार था की लोगों ने अपने सालों के सपनों को भी चकनाचूर कर दिया | सरकारों ने भी लोगों की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए विभिन्न अवसरों पे पाबंदियां लगाई।

खैर कुछ दिन तो सबका जीवन यापन हो गया पर भारत में बढ़ते संक्रमण को देख चीजो को सामन्यत होते होते कुछ ज्यादा समय लग गया जिसके चलते घरेलु क्रिकेटर, ऑफिशियल्स, ग्राउंड क्यूरेटर, ग्राउंड्स मेन और सपोर्ट स्टाफ को काफी समस्या हुई | अनुबंधित खिलाड़ियों को किसी तरह से क्रिकेट बोर्ड का सहारा मिल गया पर उसके अलावा छोटे स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ी और कोचेस की समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं था।

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Krunal Pandya at a Baroda Cricket Tournament
इस वर्ष कोविड-19 के चलते बहुत कम संख्या में छोटे बड़े टूर्नामेंट खेले जा पाए है। फोटो : बड़ौदा में खेले गए अंडर -१९ एच एच महाराजा फतेशसिंहराओ गायकवाड़ अन्तर जिला वन डे टूर्नामेंट की विजेता टीम के साथ भारतीय खिलाड़ी क्रुणाल पंड्या [2018]
देश में करीबन तीस लाख (30 Lakh) रजिस्टरर्ड क्रिकेटर है, जो किसी ना किसी एसोसिएशन के अंतर्गत आते है, और विभिन्न क्लब्स से जुड़े है। इनमे से अलग अलग प्रारूपों में 6500 ऐसे खिलाड़ी जो किसी ना किसी वर्ग में अपने शहर/प्रदेश के एसोसिएशन का नेतृत्व भी करते है | इसके अलावा देश के लगभग 2000 मैदानों पर 19,000 टूर्नामेंट्स प्रति वर्ष खेले जाते है, परन्तु इस वर्ष कोविड-19 के चलते कुछ एक आध हज़ार टूर्नामेंट ही खेले जा पाए है|

आगे बात करी जाए मैच ऑफिशियल्स की तो 500 ऐसे रजिस्टर्ड अंपायर और स्कोरर है, जिन्हें इन टूर्नामेंट्स ना होने का नुकसान उठाना पड़ा है। मैच ऑफिशियल्स का भत्ता महीने के हिसाब से नहीं मिलता। उनका भत्ता इस बात पर निर्भर करता है कि उन्होंने कितने मैचेज में स्कोरिंग वा अंपायरिंग की।

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अनुबंधित लोगों को तो खाने पीने की समस्या नहीं हुई, पर कहीं ना कहीं खेल ना होने से बाकी सभी क्षेत्रों की तरह, क्रिकेट वा उससे जुड़े हुए लोगों की आर्थिक परिस्थिति पर गहरा असर पड़ा है।

कोविड-19 के चलते देश के कई क्रिकेट क्लबों ने अनलॉक कि प्रक्रिया लागू होने के बाद भी 10 वर्ष से कम उम्र वाले बच्चों को घर पर ही रहने कि सलाह दी, वहीं कुछ अभिभावकों ने भी अपने बच्चो को घर में ही प्रैक्टिस करने को कहा।

Indian Cricket Academy
कोविड-19 के चलते अभिभावकों ने अपने बच्चो को घर में ही प्रैक्टिस करने को कहा।

कहीं ना कहीं इन छोटे बच्चो को हमने कोरोना से तो बचा लिया, पर यह भावी क्रिकेटरों को एक साल पीछे जरूर ले गया है।

आज, 24 दिसंबर को बीसीसीआई की एजीएम भी थी। आज भी आईपीएल पे चर्चा हुई, टी 20 वर्ल्ड कप की बात हुई, एल्क्शन भी करा लिया, बीसीसीआई के खर्चों पर बात हुई, टैक्स एक्संप्शन पर भी, पर डोमेस्टिक पे कोई ठोस समय नहीं दिया गया। क्यों ? कोविड-19 की वजह से ? नहीं। बीसीसीआई का रवैया डोमेस्टिक के लिए हमेशा से ऐसा ही रहा है। चलो छोड़ो। कभी और। किसी और दिन……….. धन्यवाद।